
उत्तर प्रदेश के एक जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब 25 लाख रुपये की ठगी के आरोप में बंद कैदी पुलिस सुरक्षा के बीच इलाज के लिए लाया गया और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। आरोपी ने सिपाही की आंखों में धूल झोंकते हुए अस्पताल परिसर से भागने में कामयाबी हासिल की। यह कैदी आठ जिलों में ठगी के मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी को स्वास्थ्य जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। जैसे ही सिपाही ने थोड़ी देर के लिए ध्यान हटाया, कैदी ने मौका देखकर भागने की योजना को अंजाम दे दिया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने उसे भागते देखा, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाकर निकल गया।
घटना के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। आरोपी की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में नाकेबंदी की गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने संबंधित सिपाही से पूछताछ शुरू कर दी है और लापरवाही के आरोप में विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संगठित ठगी के आरोपी किस तरह से सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर कानून से बच निकलते हैं।

