
93 साल की उम्र में रिटायर्ड फॉरेस्ट ऑफिसर ने लिखी 266 पेज की किताब—37 साल की सेवा का अनुभव ‘एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी’ में दर्ज
समाचार विवरण: वन विभाग में 37 साल तक सेवा देने वाले एक रिटायर्ड फॉरेस्ट ऑफिसर ने 93 वर्ष की उम्र में अपनी जिंदगी और जंगलों से जुड़े अनुभवों को एक किताब में समेटा है। इस किताब का नाम है ‘एक फॉरेस्ट ऑफिसर की डायरी’, जिसमें उन्होंने वन्यजीवन, जंगलों की राजनीति, संरक्षण की चुनौतियां और प्रशासनिक अनुभवों को विस्तार से साझा किया है।
266 पेज की यह किताब न केवल एक अधिकारी की व्यक्तिगत यात्रा है, बल्कि यह भारतीय वन व्यवस्था की ऐतिहासिक झलक भी देती है। लेखक ने बताया कि उन्होंने यह किताब पिछले दो वर्षों में लिखी, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के जंगलों में बिताए वर्षों को याद करते हुए कई रोचक और प्रेरणादायक घटनाएं दर्ज की हैं।
किताब में ऐसे किस्से भी हैं जब उन्होंने शेरों और हाथियों के बीच रातें बिताईं, वन माफियाओं से मुकाबला किया, और स्थानीय आदिवासी समुदायों के साथ मिलकर संरक्षण की पहल की। लेखक का मानना है कि आज की पीढ़ी को जंगलों की असली तस्वीर और जमीनी चुनौतियों को समझने के लिए ऐसे अनुभवों से सीखना चाहिए।

