
पश्चिम बंगाल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। 94 साल की उम्र में भी एक उद्योगपति ₹62,000 करोड़ की नेटवर्थ के साथ राज्य के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी गिनती देश के प्रमुख कारोबारी घरानों में होती है और उनका व्यापार कई सेक्टरों में फैला हुआ है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका नाम भारत के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल है।
इनका कारोबार रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और वित्तीय सेवाओं तक फैला हुआ है। लंबे समय से बंगाल की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान अहम रहा है। इतनी बड़ी संपत्ति और कारोबार के बावजूद उनकी सादगी और काम करने की शैली उन्हें खास बनाती है। यही वजह है कि वे न सिर्फ बंगाल बल्कि पूरे देश में एक मिसाल माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि मेहनत और दूरदर्शिता से किसी भी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। बंगाल के उद्योग जगत में उनका दबदबा आने वाले समय में भी कायम रहने की उम्मीद है। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है कि उम्र कभी भी सपनों और उपलब्धियों की सीमा नहीं होती।

