
बढ़ती बेरोजगारी और नौकरी की अनिश्चितता के दौर में अब लोग आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर युवा वर्ग अब कम पूंजी में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के विकल्प तलाश रहा है। ऐसे में ₹10,000 के निवेश से शुरू होने वाले छोटे बिजनेस मॉडल लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं, जो हर महीने ₹30,000 से ₹40,000 तक की कमाई का अवसर प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मसाला पैकिंग, अगरबत्ती निर्माण, पेपर प्लेट और कप बनाने जैसे घरेलू उद्योगों की मांग लगातार बढ़ रही है। इन बिजनेस को शुरू करने के लिए किसी बड़े ऑफिस या भारी मशीनरी की जरूरत नहीं होती। सिर्फ थोड़ी सी जगह, कच्चा माल और स्थानीय बाजार की समझ से यह काम शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इन उत्पादों की बिक्री को भी बढ़ाया जा सकता है।
बिजनेस शुरू करने से पहले बाजार की मांग को समझना, सहीबढ़ती बेरोजगारी और नौकरी की अनिश्चितता के दौर में अब लोग आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर युवा वर्ग अब कम पूंजी में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के विकल्प तलाश रहा है। ऐसे में ₹10,000 के निवेश से शुरू होने वाले छोटे बिजनेस मॉडल लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं, जो हर महीने ₹30,000 से ₹40,000 तक की कमाई का अवसर प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मसाला पैकिंग, अगरबत्ती निर्माण, पेपर प्लेट और कप बनाने जैसे घरेलू उद्योगों की मांग लगातार बढ़ रही है। इन बिजनेस को शुरू करने के लिए किसी बड़े ऑफिस या भारी मशीनरी की जरूरत नहीं होती। सिर्फ थोड़ी सी जगह, कच्चा माल और स्थानीय बाजार की समझ से यह काम शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इन उत्पादों की बिक्री को भी बढ़ाया जा सकता है।
बिजनेस शुरू करने से पहले बाजार की मांग को समझना, सही पैकेजिंग और ब्रांडिंग करना और ग्राहकों के साथ विश्वास कायम करना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से भी छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर युवा वर्ग अपने सपनों को साकार कर सकता है। पैकेजिंग और ब्रांडिंग करना और ग्राहकों के साथ विश्वास कायम करना बेहद जरूरी है। सरकार की ओर से भी छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर युवा वर्ग अपने सपनों को साकार कर सकता है।

