
छतरपुर: भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी की संघर्ष गाथा इन दिनों सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां उनके समर्पण और मेहनत की प्रशंसा हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ विरोधी उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने का भी प्रयास कर रहे हैं।
नीरज चतुर्वेदी ने अपनी जीवन यात्रा साधारण परिवेश और आर्थिक तंगी में बिताई है। संगठन में उनकी सक्रियता और मेहनत के चलते उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी उन्हें प्रदेश स्तर पर भी जिम्मेदारी सौंपने पर विचार कर रही है।
हालांकि, उनके बढ़ते कद से असहज कुछ विरोधियों ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इन दस्तावेजों में कक्षा 10वीं की कथित मार्कशीट में उनकी जन्मतिथि 1989 दर्शाई गई है, जबकि दो अलग-अलग आधार कार्ड में 1990 और 1992 की जन्मतिथि दिखाई जा रही है।
- समर्थकों का कहना है कि यह सुनियोजित प्रयास है उनकी छवि धूमिल करने का।
- राजनीतिक जानकार मानते हैं कि संगठन में ऊंचाइयों पर पहुंचने वाले व्यक्ति का विरोध भी बढ़ता है।
फिलहाल, इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन नीरज चतुर्वेदी को लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज है। सत्य की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
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