
त्योहारों की रौनक भले ही थम गई हो, लेकिन भारतीय रेल में यात्रियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। भोपाल से मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के लिए चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में 13 नवंबर 2025 तक सीटों की उपलब्धता लगभग शून्य है। दीपावली और छठ जैसे बड़े पर्वों के बाद भी ट्रेनों में भारी भीड़ बनी हुई है, जिससे आम यात्रियों को टिकट बुक करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। IRCTC और अन्य टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स पर लगातार ‘Regret’ और ‘Waiting List’ की स्थिति बनी हुई है।
भोपाल से मुंबई के लिए चलने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस (12144), गोरखपुर एलटीटी एक्सप्रेस (11080), और शताब्दी एक्सप्रेस (02010) जैसी प्रमुख ट्रेनों में सभी श्रेणियों—स्लीपर, थर्ड AC, सेकंड AC—में सीटें फुल हैं। वहीं पुणे के लिए जेलम एक्सप्रेस (11078), गोवा एक्सप्रेस (12780) जैसी ट्रेनों में भी स्लीपर से लेकर फर्स्ट AC तक सभी श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं हैं। बेंगलुरु रूट पर भी स्थिति कुछ अलग नहीं है, जहां लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 70 से ऊपर जा चुकी है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर गए थे, और अब वापसी की भीड़ के चलते ट्रेनों में सीटों की भारी कमी हो गई है। टैटकल कोटा भी कुछ ही मिनटों में भर जा रहा है, जिससे तत्काल यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है। इसके अलावा, कई स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बावजूद मांग इतनी अधिक है कि वे भी पूरी तरह से भर चुकी हैं।
इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित वे छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी वर्ग हैं जिन्हें त्योहारों के बाद अपने कार्यस्थलों पर लौटना है। कई यात्रियों को मजबूरी में बसों या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे यात्रा खर्च और समय दोनों बढ़ रहे हैं। यात्रियों ने मांग की है कि रेलवे अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों का संचालन करे और मौजूदा ट्रेनों में अस्थायी कोच जोड़ने की व्यवस्था करे ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

