
मध्य प्रदेश के एक कस्बे में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 10 साल के एक बच्चे ने खेलने से मना किए जाने पर तीन मोटरसाइकिलों, एक ऑटो रिक्शा और एक गोदाम में आग लगा दी। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों को हैरान कर गई, बल्कि बाल अपराध और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चा अक्सर मोहल्ले में खेलता था, लेकिन जब उसे कुछ लोगों ने खेलने से रोका, तो उसने गुस्से में आकर यह कदम उठा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना देर रात की है जब बच्चा अकेले ही गोदाम के पास पहुंचा और वहां खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। तीन बाइक और एक ऑटो पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि गोदाम में रखे सामान को भी भारी नुकसान पहुंचा। अनुमान है कि लाखों रुपये की संपत्ति इस घटना में नष्ट हो गई।
पुलिस ने बच्चे को हिरासत में लेकर बाल कल्याण समिति को सूचित किया है। चूंकि आरोपी की उम्र केवल 10 वर्ष है, इसलिए मामला जेजे एक्ट के तहत दर्ज किया गया है और उसे सुधार गृह भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है, और अब बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और समाज में उनके व्यवहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि बच्चों के भीतर भावनात्मक असंतुलन किस हद तक खतरनाक रूप ले सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार, स्कूल और समाज को बच्चों के व्यवहार पर सतत निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें सकारात्मक संवाद और समझदारी से मार्गदर्शन देना चाहिए ताकि वे ऐसे उग्र कदम न उठाएं।

