
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने नगर निगम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। गुलमोहर पार्क कॉलोनी में एक निर्माणाधीन साइट पर खोदे गए गहरे गड्ढे में दो मासूम बच्चे डूब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह गड्ढा बिल्डिंग निर्माण के लिए खोदा गया था, लेकिन उसमें पानी भर जाने के बाद भी कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चे खेलते-खेलते निर्माण स्थल के पास पहुंच गए और अनजाने में गड्ढे में गिर पड़े। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दमकल और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला। यह हादसा 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हुआ है—इससे पहले शीतला माता मंदिर के पास भी एक बच्चा गड्ढे में गिरा था, जिसे राहगीरों ने बचा लिया था।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि निर्माण स्थलों पर कोई चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते। खुले गड्ढे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि शहरी विकास की दौड़ में सुरक्षा और जिम्मेदारी को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्माण स्थलों पर सख्त नियमों का पालन और नियमित निगरानी अब

