
उत्तर प्रदेश के बरेली और बागपत जिलों में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना के तहत सरकार गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में एक लाख रुपये तक की सहायता देती है। लेकिन इस लाभ को पाने के लिए पहले से शादीशुदा महिलाओं ने खुद को कुंवारी बताकर दोबारा शादी करने की योजना बना ली। बरेली में 2000 आवेदनों में से करीब 1000 आवेदन फर्जी पाए गए, जबकि बागपत में 69 शादीशुदा महिलाओं ने खुद को कुंवारी बताकर आवेदन किया।
बरेली के आंवला क्षेत्र में एक परिवार की बेटी, जो अप्रैल में शादी कर चुकी थी, ने सरकारी मंडप में दोबारा शादी की तैयारी कर ली थी। दुल्हन का जोड़ा और दूल्हे का कोट-सूट अलमारी से निकाल लिया गया था। लेकिन सत्यापन प्रक्रिया में यह सच्चाई उजागर हो गई। समाज कल्याण विभाग ने जांच के बाद ऐसे 1000 अपात्र आवेदनों को निरस्त कर दिया है और आगे की जांच जारी है।
बागपत जिले में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां 60 हजार रुपये की नकद सहायता और घरेलू सामान के लालच में महिलाओं ने योजना का दुरुपयोग किया। 593 युवतियों में से 69 महिलाएं पहले से शादीशुदा निकलीं। राजस्व विभाग, समाज कल्याण विभाग और विकास भवन की संयुक्त टीम ने जांच कर यह खुलासा किया। बिनौली और बागपत शहर ब्लॉक से सबसे ज्यादा फर्जी आवेदन सामने आए।
यह मामला दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए किस हद तक फर्जीवाड़ा किया जा सकता है। प्रशासन ने अब सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

