
उज्जैन के महाकाल लोक में दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नया 710 मीटर लंबा मार्ग तैयार किया जा रहा है, जो महाकाल कॉरिडोर तक पहुंच को और सुगम बनाएगा। यह रास्ता रामघाट से महाकाल लोक तक सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ और संकरी गलियों से गुजरने की परेशानी नहीं होगी। जून 2027 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नए मार्ग के निर्माण के लिए नगर निगम उज्जैन और महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति मिलकर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित रास्ता रामघाट के पास से शुरू होकर हरसिद्धि मंदिर होते हुए महाकाल लोक तक जाएगा। इसमें पैदल यात्रियों के लिए विशेष पाथवे, स्मार्ट लाइटिंग, सीसीटीवी निगरानी, और सजावटी दीवारों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, मार्ग के दोनों ओर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों की कलाकृतियां भी लगाई जाएंगी, जिससे यह रास्ता न केवल सुविधाजनक बल्कि दर्शनीय भी बनेगा।
परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने, भूमि अधिग्रहण, और स्थानीय दुकानदारों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह मार्ग महाकाल लोक के दर्शन को एक समृद्ध अनुभव में बदल देगा और सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को एक स्मार्ट धार्मिक शहर के रूप में प्रस्तुत करेगा।
यह पहल श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक पर्यटन और शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उज्जैन को वैश्विक धार्मिक मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठा मिलेगी।

