
खंडवा की नई अनाज मंडी में गुरुवार को भारतीय किसान संघ की मासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रांत मंत्री धर्मचंद गुर्जर, जिलाध्यक्ष राधेश्याम चाचरिया, उपाध्यक्ष कालुसिंह चौहान सहित कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
बैठक के दौरान किसानों की मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम जिलाधीश को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाने पर रोक लगाने और 5 अप्रैल 2026 से खरीदी प्रारंभ करने की मांग शामिल थी। इसके अलावा, जिला सहकारी बैंकों में ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तक बढ़ाने की भी अपील की गई, क्योंकि खरीदी में देरी के कारण लगभग 80 प्रतिशत किसान समय पर ऋण नहीं चुका पाए।
ये भी पढ़े – खंडवा: शाला प्रवेशोत्सव में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से किया संवाद, एसपी ने बताए सफलता के टिप्स
किसान संघ ने नरवाई प्रबंधन और मंडी में संसाधनों की कमी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एफआईआर और जुर्माना लगाने के बजाय किसानों को उचित संसाधन और समर्थन दिया जाना चाहिए। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का हवाला देकर किसानों की उपज कम तौलने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, बिजली विभाग की लापरवाही से खेतों में आग लगने के नुकसान की भरपाई धारा 6/4 के तहत करने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में किसान संघ ने साफ चेतावनी दी कि यदि 5 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू नहीं की गई, तो 6 अप्रैल 2026 से तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बैठक में दिनेश महाजन, हरसिंह डोडे, सुभाष यादव, गुलाब भाई, रामचंद चाचरिया, परशुराम राठौड़ सहित अन्य किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला मीडिया प्रभारी अभिषेक गंगराड़े ने किया।
ये भी पढ़े – खंडवा: हनुमान जयंती पर पवन धाम मंदिर में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का समापन
- khandwa-farmer-union-questions-purchase-system-warns-protest









