
मध्यप्रदेश के सागर जिले के मेहर और महुआखेड़ा गांवों में उल्टी-दस्त का गंभीर प्रकोप देखने को मिला है, जिससे दो लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। इस स्थिति ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
हादसे की शुरुआत एक आदिवासी परिवार से हुई, जिसके बाद पूरे गांव में संक्रमण फैल गया। ग्रामीणों ने झांसी-सागर हाईवे को जाम कर दिया, जिससे प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी। दूषित पानी को इस बीमारी का मुख्य कारण माना जा रहा है, और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज समेत कई अस्पतालों में मरीजों का इलाज जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। बीएमओ और जिला कलेक्टर ने प्रभावित गांवों का दौरा किया है। महुआखेड़ा में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं में लक्षण तेजी से फैल रहे हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में साफ पानी और स्वास्थ्य जागरूकता की कमी को उजागर करती है, और प्रशासन को अब स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।

