
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सामने आया एक चौंकाने वाला मेडिकल घोटाला अब राज्य स्तर पर जांच का विषय बन गया है। शासकीय अस्पताल परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी पर आरोप है कि वे ऐसे सिरप का नाम पर्चे पर लिखते थे जो बाज़ार में मौजूद ही नहीं था। इसके पीछे उनकी मंशा थी कि कोई अन्य मेडिकल स्टोर उस दवा को न दे सके, और मरीजों को मजबूरी में उनकी पत्नी ज्योति सोनी के मेडिकल स्टोर से ही दवा लेनी पड़े। वहां उन्हें Coldrif नामक कफ सिरप दिया जाता था, जो बाद में बच्चों की मौत का कारण बना।
इस मामले में अब तक 24 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और Coldrif सिरप को जहरीला पाया गया है। SIT जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. सोनी पिछले 10 सालों से यही सिरप लिखते आ रहे थे, और उन्होंने कहा कि फॉर्मूलेशन देखना उनका काम नहीं। उनकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, क्योंकि उनके मेडिकल स्टोर पर मिलावटी सिरप बेचने के सबूत मिले हैं।
यह मामला न सिर्फ मेडिकल नैतिकता का उल्लंघन है, बल्कि जन स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। डॉक्टर और दवा निर्माता कंपनी दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, और Coldrif सिरप पर राज्य सरकार ने बैन लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि इस सिरप की बिक्री तत्काल रोकी जाए और मरीजों को वैकल्पिक दवा दी जाए।

