
मध्य प्रदेश में सर्दी ने समय से पहले दस्तक दे दी है और अब इंदौर, भोपाल, राजगढ़ समेत 20 जिलों में तीव्र शीतलहर का असर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 नवंबर से अगले दो दिनों तक तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड का प्रकोप और तेज़ हो सकता है। राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस सीजन का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है। वहीं इंदौर में तापमान 7 डिग्री और भोपाल में 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जो पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे आसमान साफ हो गया है और तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग ने इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रीवा, मौगंज, मैहर, शहडोल समेत कुल 20 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतमध्य प्रदेश में सर्दी ने समय से पहले दस्तक दे दी है और अब इंदौर, भोपाल, राजगढ़ समेत 20 जिलों में तीव्र शीतलहर का असर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 नवंबर से अगले दो दिनों तक तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड का प्रकोप और तेज़ हो सकता है। राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस सीजन का सबसे ठंडा रिकॉर्ड है। वहीं इंदौर में तापमान 7 डिग्री और भोपाल में 8 डिग्री तक पहुंच गया है, जो पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे आसमान साफ हो गया है और तापमान तेजी से गिर रहा है। मौसम विभाग ने इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रीवा, मौगंज, मैहर, शहडोल समेत कुल 20 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, जबकि कई स्कूलों में सुबह की असेंबली और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। यह सर्दी न केवल स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है, बल्कि कृषि और जनजीवन पर भी प्रभाव डालने वाली है।ने की सलाह दी है, जबकि कई स्कूलों में सुबह की असेंबली और आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग उठ रही है। यह सर्दी न केवल स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है, बल्कि कृषि और जनजीवन पर भी प्रभाव डालने वाली है।

