
दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके पीछे की साजिश और नेटवर्क का खुलासा होता जा रहा है। इस मामले में गिरफ्तार की गई डॉक्टर शाहीन शाहिद की भूमिका ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। शाहीन कोई आम डॉक्टर नहीं, बल्कि जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात उल मोमीनात’ की भारत प्रमुख बताई जा रही है। वह पाकिस्तान में जैश की महिला विंग की हेड सादिया अजहर—जो मसूद अजहर की बहन हैं—से सीधे संपर्क में थी। शाहीन की गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आतंकी संगठन अब शिक्षित और पेशेवर लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि शाहीन ने अपनी मेडिकल पहचान का इस्तेमाल कानून से बचने और आतंकी नेटवर्क फैलाने के लिए किया। वह AK-47 जैसे हथियारों की ट्रेनिंग ले चुकी थी और दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार में विस्फोटक ले जाने की जिम्मेदारी उसी की थी। शाहीन का संबंध फरीदाबाद में रह रहे कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल गनी से भी था, जो इस आतंकी मॉड्यूल का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। दोनों के बीच न केवल व्यक्तिगत संबंध थे, बल्कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की रणनीति भी साझा की जाती थी।
अब तक की जांच में करीब 2900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए गए हैं, जो न केवल दिल्ली धमाके बल्कि अन्य संभावित हमलों से जुड़े हो सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर केंद्रीय एजेंसियों ने इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके पीछे की साजिश और नेटवर्क का खुलासा होता जा रहा है। इस मामले में गिरफ्तार की गई डॉक्टर शाहीन शाहिद की भूमिका ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। शाहीन कोई आम डॉक्टर नहीं, बल्कि जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग ‘जमात उल मोमीनात’ की भारत प्रमुख बताई जा रही है। वह पाकिस्तान में जैश की महिला विंग की हेड सादिया अजहर—जो मसूद अजहर की बहन हैं—से सीधे संपर्क में थी। शाहीन की गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आतंकी संगठन अब शिक्षित और पेशेवर लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि शाहीन ने अपनी मेडिकल पहचान का इस्तेमाल कानून से बचने और आतंकी नेटवर्क फैलाने के लिए किया। वह AK-47 जैसे हथियारों की ट्रेनिंग ले चुकी थी और दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार में विस्फोटक ले जाने की जिम्मेदारी उसी की थी। शाहीन का संबंध फरीदाबाद में रह रहे कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल गनी से भी था, जो इस आतंकी मॉड्यूल का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। दोनों के बीच न केवल व्यक्तिगत संबंध थे, बल्कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की रणनीति भी साझा की जाती थी।
अब तक की जांच में करीब 2900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए गए हैं, जो न केवल दिल्ली धमाके बल्कि अन्य संभावित हमलों से जुड़े हो सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर केंद्रीय एजेंसियों ने इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को UAPA के तहत दर्ज किया है और NIA की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शाहीन की गिरफ्तारी इस साजिश की गहराई और खतरनाक विस्तार को उजागर करती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई स्थानीय घटना नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है।को UAPA के तहत दर्ज किया है और NIA की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शाहीन की गिरफ्तारी इस साजिश की गहराई और खतरनाक विस्तार को उजागर करती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई स्थानीय घटना नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा है।

