
दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट की जांच में अब संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन की मूवमेंट ट्रेल सामने आ गई है। CCTV फुटेज, GPS डेटा और ट्रैफिक कैमरों की मदद से सुरक्षा एजेंसियों ने यह पता लगाया है कि धमाके से पहले यह कार किन-किन रास्तों से गुज़री, कितनी देर रुकी और किस समय लाल किले के पास पहुंची।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध स्कॉर्पियो सबसे पहले सुबह 10:15 बजे फरीदाबाद के सेक्टर 21 से निकली और 11:05 बजे दिल्ली की सीमा में प्रवेश की पुष्टि हुई। इसके बाद यह आईटीओ, दरियागंज और दिल्ली गेट होते हुए शाम 3:19 बजे लाल किले के पास नेताजी सुभाष मार्ग पर पार्क की गई। CCTV फुटेज में कार को तीन घंटे तक वहीं खड़ी देखा गया, जिसके बाद शाम 6:52 बजे धमाका हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि कार में टाइमर या रिमोट डिवाइस से विस्फोटक ट्रिगर किया गया। GPS डेटा से यह भी पता चला है कि कार ने दो बार अपना रास्ता बदला, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि ड्राइवर को धमाके की जगह बदलने का निर्देश मिला था, लेकिन अंततः लाल किला जैसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन को चुना गया।
NIA, दिल्ली पुलिस और IB की संयुक्त टीम ने कार के मालिक, रजिस्ट्रेशन और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर के शरीर का हिस्सा घटनास्थल से बरामद हुआ है, जिससे DNA जांच के जरिए पहचान की जा रही है। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े डॉ. शाहीन और मुजम्मिल गनी

