
देश की प्रमुख आईवियर कंपनी Lenskart Solutions के IPO को लेकर निवेशकों में जितनी उम्मीदें थीं, लिस्टिंग से ठीक पहले उतनी ही निराशा और चिंता देखने को मिल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) जो कुछ दिन पहले तक ₹108 तक पहुंच गया था, वह अब ₹8 पर आ गया है, यानी 90% की गिरावट। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी के शेयर 10 नवंबर 2025 को BSE और NSE पर लिस्ट होने वाले हैं।
GMP में इतनी बड़ी गिरावट का मतलब है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को मुनाफे की बजाय घाटा भी हो सकता है। आमतौर पर GMP को लिस्टिंग डे पर संभावित प्रीमियम के संकेत के तौर पर देखा जाता है, लेकिन Lenskart के मामले में यह संकेत नकारात्मक हो गया है। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, 6 नवंबर को GMP ₹30 था, जो पहले ही अपने उच्चतम स्तर से 70% नीचे था। अब यह लगभग शून्य के करीब पहुंच गया है, जिससे प्री-लिस्टिंग उत्साह पूरी तरह खत्म हो गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि GMP में यह गिरावट बाजार की मौजूदा अस्थिरता, उच्च वैल्यूएशन, और लिस्टिंग से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण आई है। हालांकि, कंपनी की ब्रांड वैल्यू, रेवेन्यू ग्रोथ और मार्केट पोजिशन मजबूत है, लेकिन लघु अवधि में शेयर प्रदर्शन अनिश्चित बना हुआ है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे लिस्टिंग के बाद कुछ दिन बाजार की चाल देखें, और फिर लंबी अवधि के नजरिए से निवेश का फैसला लें। IPO में पैसा लगाने वाले छोटे निवेशक फिलहाल सहमे हुए हैं, और लिस्टिंग डे पर शेयर की चाल पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

