
भारत और भूटान के बीच दोस्ती और सहयोग को नई मजबूती मिली है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के चौथे राजा से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा हुई। यह मुलाकात न केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों को याद दिलाती है, बल्कि भविष्य में आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करने का संकेत देती है।
बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सीमा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और भूटान की दोस्ती केवल पड़ोसी देशों की साझेदारी नहीं है, बल्कि यह विश्वास और परंपरा पर आधारित गहरी मित्रता है। इस मुलाकात को क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल भूटान बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में सहयोग और शांति को बढ़ावा मिलेगा।

