पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता संतुलन में बड़ा बदलाव सामने आया है। संसद ने हाल ही में एक अहम बिल पास किया है, जिसके बाद सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी अधिक अधिकार मिल गए हैं। इस बिल के तहत उन्हें देश के परमाणु हथियारों और तीनों सेनाओं पर सीधा नियंत्रण प्रदान किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान की सत्ता संरचना में सेना की भूमिका को और मजबूत करता है और नागरिक नेतृत्व की शक्ति को सीमित करता है।
जानकारी के अनुसार, संसद में पारित इस बिल के बाद अब रक्षा और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अंतिम अधिकार सेना प्रमुख के पास होगा। परमाणु हथियारों की सुरक्षा और उपयोग से लेकर थल, जल और वायु सेना की रणनीति तक, सभी मामलों में जनरल मुनीर की भूमिका निर्णायक होगी। इससे पहले इन मामलों में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की औपचारिक सहमति आवश्यक होती थी, लेकिन अब सेना प्रमुख को स्वतंत्र अधिकार मिल गए हैं।

