
भोपाल में इस सप्ताह धार्मिक माहौल और भी खास होने जा रहा है। शहर में आयोजित होने वाला 78वां आलमी तब्लीगी इज्तिमा शुक्रवार की सुबह फजिर की नमाज के साथ शुरू होगा। यह आयोजन हर साल लाखों लोगों को एक साथ जोड़ता है और इस बार अनुमान है कि करीब 12 लाख श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे। इज्तिमा का उद्देश्य इस्लामी शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार करना और समाज में भाईचारे तथा शांति का संदेश देना है।
आयोजन समिति ने बताया कि इज्तिमा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी शहर में आने-जाने वाले मार्गों पर विशेष योजना बनाई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। आयोजन स्थल पर चिकित्सा सुविधाएँ, पानी और बिजली की व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में भी इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। इज्तिमा से शहर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होती है, क्योंकि इसमें देश-विदेश से लोग शामिल होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से धार्मिक सद्भाव और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा मिलता है। भोपाल में यह इज्तिमा न केवल आस्था का पर्व है बल्कि शहर की सांस्कृतिक धरोहर का भी हिस्सा बन चुका है।

