
सुकमा-आंध्र प्रदेश की सीमा पर सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने कुख्यात माओवादी कमांडर हिड़मा को आखिरकार मौत की नींद सुला दिया गया। इस मुठभेड़ में हिड़मा समेत 6 माओवादी ढेर हुए, जिससे नक्सल विरोधी अभियान को नई ऊर्जा मिली है।
हिड़मा कौन था? हिड़मा को माओवादी संगठन का सबसे खतरनाक चेहरा माना जाता था। वह कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था, जिनमें सुरक्षाबलों पर घात लगाकर किए गए हमले शामिल हैं। उसकी पकड़ जंगलों और आदिवासी इलाकों में इतनी मजबूत थी कि उसे पकड़ना लगभग असंभव माना जाता था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि हिड़मा अपने साथियों के साथ सीमा क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद एक संयुक्त अभियान चलाया गया। घने जंगलों में घंटों चली मुठभेड़ में आखिरकार सुरक्षाबलों ने हिड़मा और उसके साथियों को ढेर कर दिया।
जनता के लिए राहत इस कार्रवाई से न केवल सुरक्षाबलों का मनोबल ऊँचा हुआ है, बल्कि स्थानीय जनता भी राहत की सांस ले रही है। हिड़मा का खौफ वर्षों से आदिवासी इलाकों पर छाया हुआ था। अब उम्मीद है कि क्षेत्र में शांति और विकास की राह और आसान होगी।

