
दिन 2 के संसद (शीतकालीन सत्र) के दौरान केंद्र सरकार ने विधायी एजेंडा को आगे बढ़ाते हुए एक अहम कदम उठाया — वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लोकसभा में Central Excise (Amendment) Bill, 2025 प्रस्तुत किया। यह बिल पुराने 1944 के Central Excise Act में संशोधन प्रस्तावित करता है। 
मूल रूप से, यह बिल उन “sin goods” — जैसे तंबाकू, पैन मसाला और अन्य वस्तुओं — पर केन्द्र सरकार के कर ढांचे को फिर से व्यवस्थित करने की कोशिश है। इसे पेश करने का मकसद है कि GST कम्पनसेशन सेस हटने के बाद भी इन उत्पादों पर उच्च कर-दरें बनी रहें।
सत्र में यह बिल तभी लाया गया है जब विपक्ष ने मतदाता सूची (SIR — Special Intensive Revision) से जुड़ी बातों पर जोर दिया है। विरोधी दलों ने SIR को लेकर तीखी आवाज़ उठाई, जिसके चलते संसद में हंगामा भी हुआ।
सरकार इस बिल को पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है — जिससे कर व्यवस्था में बदलाव पक्के हो सकें और “sin goods” पर टैक्स स्लैब स्थापित हो सके।

