
हाल ही में, Indian Armed Forces (भारतीय सशस्त्र बल) ने आपात-खरीद (emergency procurement) प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त Heron Mk II ड्रोन (UAV) खरीदने का फैसला किया है। ये कदम आने के बाद हुआ है जब हाल में हुए Operation Sindoor में इन ड्रोन systemen की सफलता और उपयोगिता सामने आई। 
इस नये आदेश में यह बात सामने आई है कि पहले से Heron Mk II का उपयोग मुख्य रूप से सेना और वायु सेना द्वारा हो रहा था — लेकिन अब पहली बार Indian Navy भी इन ड्रोन को शामिल करने जा रही है। यानी तीनों सेवा-शाखाओं में Heron Mk II UAVs होंगे।
Heron Mk II एक “मीडियम-अल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्यूरेंस (MALE)” UAV है — इसे उपग्रह (satellite-linked / SATCOM) कम्युनिकेशन के साथ तैनात किया जाता है, जिससे लंबी दूरी की निगरानी, सीमा सुरक्षा, रीयल-टाइम इंटेलिजेंस और अन्य संवेदनशील ऑपरेशन्स सुगम हो पाते हैं। इस ड्रोन की उड़ान क्षमता, endurance और रेंज इसे सीमाओं पर चौकस निगरानी का एक भरोसेमंद प्लेटफार्म बनाती है।
साथ ही, इस कदम के पीछे एक बड़ा उद्देश्य यह है कि जल्द से जल्द आधुनिक रक्षा तकनीकों को देश के सुरक्षा ढाँचे में शामिल किया जाए। यह आपात-खरीद इसलिए चुनी गई है ताकि पारंपरिक लंबी प्रक्रिया के बजाय — ज़रूरत हो तो तुरंत सक्षम प्लेटफार्म तैनात किया जा सके।
इस फैसले से उम्मीद है कि सीमा क्षेत्र, समुद्री क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में भारत की निगरानी एवं सुरक्षा क्षमताएँ और मजबूत होंगी।

