
हाल ही में, विदेशी ब्रोकरेज फर्म Nomura ने कहा है कि US और Bharat के बीच चल रही ट्रेड डील के अंतर्गत, अमेरिका द्वारा प्रस्तावित टैरिफ दरों को संशोधित किया जा सकता है। अगर सौदा फाइनल हुआ, तो वर्तमान लगभग 50% टैरिफ (कुछ उत्पादों पर प्रस्तावित) को घटाकर करीब 20% तक लाया जा सकता है।
इस देसी‑विदेशी सौदे से भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है — क्योंकि उच्च टैरिफ ने भारतीय निर्यात और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए दबाव बनाया था। वस्तु निर्यात, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स व अन्य प्रमुख निर्यात श्रेणियाँ इस फैसले से सीधे प्रभावित हो सकती हैं।
वर्तमान में, दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है और एक अंतरिम समझौते (interim trade deal) की रूप रेखा बन रही है — जिसका उद्देश्य है कि टैरिफ दरों को स्थिर व व्यापार‑अनुकूल बनाए रखा जाए। हालाँकि, अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है — लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों की समझ यह है कि अगर यह डील अंतिम रूप लेती है, तो भारत‑यूएस व्यापारिक रिश्तों में नई गति आ सकती है।


