
सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में भीषण गर्मी और ग्रीष्मकाल के दौरान ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के कड़े निर्देशों पर जिले की सभी जनपद पंचायतों में ‘सीएफटी’ (CFT) विशेष बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना और पानी से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निवारण करना है।
हर एक गांव की पेयजल स्थिति की हुई समीक्षा; नल-जल योजनाओं पर नजर
आयोजित की गई इन उच्चस्तरीय बैठकों में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल प्रबंधन और निर्बाध (बिना रुकावट) जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदमों पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। जनपदवार समीक्षा के दौरान जिले के प्रत्येक ग्राम की वर्तमान पेयजल स्थिति का डेटा खंगाला गया। इसके साथ ही गांवों में स्थापित हैंडपंपों, नल-जल योजनाओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की मौजूदा कार्यशीलता का वास्तविक आंकलन किया गया ताकि यह पता चल सके कि धरातल पर पानी की क्या स्थिति है।
संकटग्रस्त गांवों में तत्काल टैंकर से सप्लाई और सुधार कार्य के निर्देश
कलेक्टर के रुख को देखते हुए अधिकारियों ने साफ किया कि जिन ग्रामों में भूजल स्तर गिरने या अन्य कारणों से पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हो गई है, वहां बिना किसी देरी के तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति शुरू की जाए। इसके साथ ही बंद पड़ी नल-जल योजनाओं के संधारण (रखरखाव) और रीबोरिंग के लिए तत्काल युद्धस्तर पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट हिदायत दी है कि सभी गांवों में जल स्रोतों की सतत (कंटीन्यूअस) मॉनिटरिंग की जाए और जैसे ही किसी हैंडपंप के खराब होने की सूचना मिले, उसे हर हाल में 24 घंटे के भीतर सुधार कर चालू किया जाए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल निगम के बड़े अफसर रहे मौजूद
जल संकट पर बुलाई गई इस आपात और महत्वपूर्ण बैठक में संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधीक्षण यंत्री, जल निगम के सहायक यंत्री सहित ग्रामीण विकास और जल प्रबंधन से जुड़े तमाम विभागों के मैदानी अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पानी की आपूर्ति में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता को परेशान करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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