सोमवती अमावस्या पर जागेश्वरधाम में गर्भ गृह में नहीं प्रवेश, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना 50 सीसीटीवी कैमरो से रखी जा रही नजर

सोमवती अमावस्या पर जागेश्वरधाम में गर्भ गृह में नहीं प्रवेश, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना 50 सीसीटीवी कैमरो से रखी जा रही नजर

एंकर/- दमोह जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वर धाम बांदकपुर में सोमवती अमावस्या पर्व के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचे हैं। गर्भ गृह में प्रवेश बंद होने से बाहर से ही श्रद्धालु जल अर्पित कर रहे हैं। सुबह 4:00 बजे पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की लाइन मंदिर परिसर से लेकर बाहर तक लगना शुरू हो गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पांच थाना क्षेत्र का पुलिस बल भी तैनात किया गया है। ताकि पूरे प्रदेश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या का सामना न करना पड़े। सुबह 8:30 तक करीब 10,000 से अधिक श्रद्धालु भगवान जागेश्वर नाथ के दर्शन कर चुके हैं और पूरे दिन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
पुरुषोत्तम माह में पढ़ने वाली सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व रहता है। पति की लंबी उम्र की कामना के लिए महिलाएं सोमवती अमावस्या का व्रत रखती हैं। सुबह वट वृक्ष के नीचे महिलाओं ने परिक्रमा लगाकर पति की लंबी उम्र की कामना की। उसके बाद जागेश्वरधाम बांदकपुर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए।
भगवान जागेश्वर नाथ स्वयंभू प्रकट हुए थे। इसलिए इन्हें 13 वे ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। साल भर यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेष पर्व जिसमें सोमवती अमावस्या भी शामिल है। इस पर्व पर भी देश-प्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जागेश्वर नाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं।
मंदिर प्रबंधन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां रविवार को पूर्ण कर ली थीं।

मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक श्री राम कृपाल पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरुषोत्तम मास का धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। वहीं सोमवती अमावस्या का पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी आस्था के चलते इस दिन बांदकपुर धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में प्रवेश निषिद्ध है। जल अर्पण के लिए बाहर से ही विशेष वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था, विश्राम स्थल तथा आवागमन के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित किए गए हैं। दर्शनों की व्यवस्था रेलिंग के माध्यम से है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए हिंडोरिया तहसीलदार प्रीतम सिंह, पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी, हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय, चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा के साथ पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल लगाया गया है।

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gaurav singh rajput

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