
भारतीय वैज्ञानिकों ने जीन एडिटिंग तकनीक CRISPR पर नैतिक और सामाजिक बहस शुरू की है। यह तकनीक बीमारियों के इलाज में मददगार हो सकती है, लेकिन इसके दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है। नीति आयोग और जैव प्रौद्योगिकी विभाग इस पर दिशानिर्देश तैयार कर रहे हैं।

