
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत दौरे के दौरान छह अनमोल तोहफे भेंट किए, जो देश की संस्कृति और आध्यात्मिकता से प्रेरित हैं। ये तोहफे न केवल भारत की परंपरा का प्रतीक हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्तों को भी मजबूती देने का संदेश देते हैं। हर उपहार को खास अर्थ और प्रतीकात्मक महत्व के साथ चुना गया था।
तोहफों में हस्तशिल्प, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले आइटम शामिल थे, जो भारत की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि ये उपहार भारत की आत्मा और सौहार्द का प्रतीक हैं और उन्हें पुतिन के लिए विशेष रूप से चुना गया। इस प्रकार के उपहारों से कूटनीतिक रिश्तों में व्यक्तिगत स्पर्श और मित्रता की झलक देखने को मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रतीकात्मक उपहार दोनों देशों के बीच भावनात्मक और राजनयिक संबंधों को सुदृढ़ करते हैं। यह कदम रूस और भारत के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को और गहरा करता है। उपहारों की यह श्रृंखला दोनों देशों के बीच भविष्य में और भी घनिष्ठ साझेदारी की नींव रखती है।

