
Royal Enfield ने भारत में सभी बाइकों के लिए GST (माल एवं सेवा कर) दर को एक समान (uniform) करने की मांग की है। कंपनी का कहना है कि वर्तमान में अलग-अलग इंजन क्षमता, कीमत व श्रेणी की बाइकों पर अलग-अलग GST लागू है — जिससे ग्राहकों और निर्माताओं दोनों को असुविधा होती है। Royal Enfield का तर्क है कि अलग-अलग टैक्स दरों के बजाय एक समान दर से बाजार अधिक पारदर्शी होगा और बाइक मालिकों के लिए कीमत स्पष्ट होगी।
Royal Enfield का कहना है कि इससे बाजार में दामों की अस्थिरता कम होगी, ग्राहकों की खरीद-सुविधा बढ़ेगी और उद्योग को सुगम विनियमन मिलेगा। यदि सरकार उनकी यह मांग मान लेती है तो नई बाइकों की कीमतों में स्थिरता आएगी और ट्रेड-अप्स (पुरानी बाइक से नई बाइक पर स्विच) पर असर भी सकारात्मक रहेगा।
इस प्रस्ताव ने उद्योग, नीति निर्माताओं और उपभोक्ताओं के बीच बाइक टैक्स व्यवस्था के ढाँचे पर बहस को फिर से खोला है — कि क्या विभिन्न श्रेणी-आधारित GST दरें न्यायसंगत हैं या एक समान दर से दोनों पक्षों का हित बेहतर होगा।

