
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी|टीकमगढ़। ग्राम पंचायत माडूमर में मानवीय संवेदना समिति ने रक्षाबंधन के अवसर पर गांव की तीन अनाथ बच्चियों के साथ पर्व मनाकर संवेदनशील पहल की। समिति के सदस्यों ने बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया और उन्हें नए कपड़े, मिठाई, उपहार राशि सहित आवश्यक सामग्री भेंट की। इस दौरान बच्चियों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।
विस्तार
टीकमगढ़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्राम पंचायत माडूमर में मानवीय संवेदना समिति की ओर से अनाथ बच्चियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समिति के सदस्यों ने गांव की तीन अनाथ बच्चियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया और उन्हें अपनत्व का एहसास कराया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चियों को नए कपड़े, मिठाई, उपहार राशि और अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की गई। समिति के सदस्यों ने बच्चियों के साथ समय बिताया और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया। पर्व के मौके पर बच्चियों के साथ इस तरह खुशियां साझा करने से कार्यक्रम भावनात्मक बन गया।
समिति के सचिव मनीराम कठैल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग को सुरक्षा, अपनत्व और सहयोग का एहसास कराने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को स्नेह और सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है, उनके साथ पर्व मनाना ही इसकी वास्तविक सार्थकता है।
समिति के मार्गदर्शक स्वतंत्र कुमार जैन ने कहा कि माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद बच्चियों को अकेलेपन का एहसास न हो, इसी भावना के साथ समिति ने उनके बीच पहुंचकर रक्षाबंधन मनाया। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंद बच्चों के साथ खड़े होकर उनका हौसला बढ़ाना चाहिए।
समिति अध्यक्ष देवेन्द्र योगी ने कहा कि बच्चियों की शिक्षा, भविष्य और मूलभूत जरूरतों के लिए समिति आगे भी हर संभव सहयोग करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बच्चियों के भविष्य को बेहतर बनाने में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का संचालन अंशुल नायक ने किया। ग्राम पंचायत माडूमर की सरपंच भावना अवधेश तिवारी एवं गजेन्द्र सिंह परमार ने समिति के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यों से समाज में सेवाभाव, सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूती मिलती है।
रक्षाबंधन के इस आयोजन में ग्रामीणों और समिति के सदस्यों की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों को यह महसूस कराने का प्रयास किया गया कि समाज उनके साथ खड़ा है और उनके भविष्य को लेकर लोग संवेदनशील हैं।
आयोजन में सोबरन सिंह राजपूत, राजेन्द्र सिंह परमार, रमेश प्रसाद कुशवाहा, जगदीश चढ़ार, अजुद्दी रैकवार, देवेन्द्र सिंह राजपूत, आशाराम रैकवार, परमानंद कुशवाहा सहित समिति के रमेश खरे, इरफान अहमद, मधुर गुप्ता और कल्लू विश्वकर्मा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह पहल पर्व की सामाजिक भावना को भी सामने लाती है। परिवार से दूर या अभाव में जीवन बिता रहे बच्चों के साथ खुशियां बांटना और उन्हें अपनत्व का एहसास कराना समाज में सकारात्मक संदेश देता है।
माडूमर में मानवीय संवेदना समिति ने तीन अनाथ बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाकर स्नेह, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। नए कपड़े, मिठाई, उपहार राशि और आवश्यक सामग्री भेंट कर समिति ने बच्चियों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं और उनके भविष्य में सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया।
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