
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी| टीकमगढ़। श्रमिकों को बिचौलियों और एजेंटों से मुक्त कर सीधे नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से डिजिटल लेबर चैक ऑफ एमपी मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इसके माध्यम से दैनिक वेतनभोगी और निर्माण श्रमिक घर बैठे अपनी योग्यता व कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर तलाश सकेंगे। नियोक्ता भी सत्यापित प्रोफाइल के जरिए सीधे जॉब पोस्ट कर सकेंगे।
विस्तार
टीकमगढ़। श्रमिकों को रोजगार की तलाश में पारंपरिक लेबर चैक पर घंटों खड़े रहने और बिचौलियों पर निर्भर रहने से राहत दिलाने की दिशा में डिजिटल लेबर चैक ऑफ एमपी मोबाइल ऐप को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए श्रमिक सीधे नियोक्ताओं से जुड़कर अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार काम तलाश सकेंगे।
कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने श्रमिकों को ऐप की उपयोगिता की जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार तलाशने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रमिकों को किसी एजेंट या बिचौलिए के माध्यम से रोजगार तलाशने की आवश्यकता नहीं होगी।
ऐप के माध्यम से श्रमिक अपनी प्रोफाइल तैयार कर सकेंगे और उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वे अपनी सुविधा और कौशल के अनुसार संबंधित कार्य के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे रोजगार की तलाश में लगने वाले समय और मेहनत को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नियोक्ता भी कर सकेंगे सीधे जॉब पोस्ट
डिजिटल लेबर चैक ऑफ एमपी ऐप केवल श्रमिकों के लिए ही नहीं, बल्कि नियोक्ताओं के लिए भी उपयोगी होगा। ठेकेदार, फैक्ट्री संचालक अथवा आम नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार ऐप पर जॉब पोस्ट कर सकेंगे।
नियोक्ता को कार्य का प्रकार, कार्यस्थल और प्रस्तावित मजदूरी जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। रोजगार प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए नियोक्ताओं की प्रोफाइल का सत्यापन किया जाएगा। आईडी, फैक्ट्री अथवा संबंधित लाइसेंस के माध्यम से सत्यापन के बाद ही जॉब पोस्ट करने की अनुमति दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
इससे श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने वाले नियोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और रोजगार की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
काम पूरा होने के बाद रेटिंग और फीडबैक
ऐप में रोजगार पूरा होने के बाद श्रमिक और नियोक्ता एक-दूसरे को रेटिंग एवं फीडबैक भी दे सकेंगे। इससे कार्य की गुणवत्ता और दोनों पक्षों की विश्वसनीयता का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
भविष्य में यही रिकॉर्ड कुशल और भरोसेमंद श्रमिकों को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं नियोक्ताओं को भी उनकी जरूरत के अनुसार उपयुक्त और कुशल श्रमिक तलाशने में सहायता मिल सकती है।
बिचौलियों से मुक्ति की दिशा में कदम
श्रमिकों के लिए रोजगार तलाशने की पारंपरिक व्यवस्था में बिचौलियों की भूमिका को लेकर अक्सर समस्याएं सामने आती रही हैं। डिजिटल लेबर चैक ऐप के माध्यम से श्रमिक और नियोक्ता सीधे एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे।
इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य रोजगार प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। श्रमिक अपनी दक्षता के अनुसार काम तलाश सकेंगे, जबकि नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
डिजिटल रिकॉर्ड और सत्यापित प्रोफाइल की व्यवस्था से रोजगार से जुड़े विवादों और गलत जानकारी की संभावना को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
प्रशासन का मानना है कि तकनीक के माध्यम से श्रमिकों को उनकी दक्षता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने और नियोक्ताओं को उपयुक्त श्रमिकों से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है। इससे दैनिक वेतनभोगी और निर्माण श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
डिजिटल लेबर चैक ऑफ एमपी ऐप के जरिए टीकमगढ़ के श्रमिकों को घर बैठे रोजगार तलाशने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। श्रमिक और नियोक्ता सीधे जुड़ सकेंगे, जबकि सत्यापित प्रोफाइल, जॉब पोस्टिंग और रेटिंग-फीडबैक जैसी सुविधाएं रोजगार व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
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