
Delhi उमर कैसे भागा? 20-hour Alert बेअसर क्यों रहा?में हुए ताज़ा कार-ब्लास्ट की जांच में सामने आया है कि मुख्य संदिग्ध डॉक्टर उमर ने विस्फोटक सामग्री लेकर राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश किया था और वह विस्फोटकारी घटना से पहले कई घंटों तक भागते-फिरते रहा। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी भारत और कश्मीर के कुछ इलाकों में विस्फोटकों का परीक्षण और इसकी प्लानिंग भी की गई थी, और एक ‘व्हाइट-कलर’ टेरर मॉड्यूल जिसमें शिक्षा-पेशा लोग शामिल बताए जा रहे हैं, उसकी भी पहचान हो रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कई आरोपियों को हिरासत में लिया है और लॉजिस्टिक-सपोर्ट-नेटवर्क को तोड़ने के लिए छापे-तलाशी तेज कर दी गई है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या IS या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन का संबंध रहा — इसलिए खतरे की संभावना अभी पूरी तरह टली नहीं है।
हमले के तुरंत बाद, National Investigation Agency (NIA) व दिल्ली-पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी शुरू की। अब तक व्हाइट-कॉलर मॉड्यूल से जुड़े कम-से-कम आठ संदिग्धों को गिरफ़्तार किया जा चुका है — जिनमें डॉक्टर, असिस्टेंट, और सप्लायर्स शामिल हैं। नवीनतम गिरफ्तारियाँ बताते हैं कि नेटवर्क अब खुलकर सामने आ रहा है। 
साथ ही, विस्फोटक सामग्री सप्लाई करने वाली दो रसायन (chemical) दुकानों को फरीदाबाद में सील कर दिया गया है। NIA का कहना है कि वे लॉजिस्टिक-सपोर्ट-नेटवर्क को तहस-नहस करना चाहती हैं, जिससे आगे किसी हमले की संभावना रोकी जा सके। हालांकि, एजेंसियाँ चेतावनी दे चुकी हैं कि खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ है — रडार पर अभी कई संदिग्ध और नेटवर्क संभावित सक्रिय हैं।

