नगर प्रशासन और संबंधित एजेंसियाँ जल्द ही Indore–Ujjain Metro की Detailed Project Report (DPR) प्रस्तुत करने वाली हैं। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत इंदौर और उज्जैन को मेट्रो रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा — लेकिन वर्तमान अनुमान के अनुसार, इसे Simhastha (सिंहस्थ) से पहले शुरू करना संभव नहीं दिख रहा है।
प्रारंभिक आकलन में बताया गया है कि संचालन-खर्च और पूरी व्यवस्था को सेटअप करने में करीब ₹12,000 करोड़ का खर्च आएगा। इसके अलावा, जमीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी, रूट-प्लानिंग व अन्य लॉजिस्टिक कारणों की वजह से प्रोजेक्ट में देरी की संभावना है। इसलिए, अधिकारियों का कहना है कि समय-सीमा पर काम करना चुनौती भरा रहेगा।
फिलहाल, DPR तैयार होने के बाद प्रेजेंटेशन भेजा जाएगा, जिसमें लागत, रूट मैप, वित्तपोषण और टाइमलाइन की विस्तृत जानकारियाँ होंगी। सरकार और प्रशासन दोनों को इस प्रोजेक्ट के आर्थिक व प्रशासनिक feasibility पर विचार करना है, ताकि भविष्य में ट्रांसपोर्ट सिस्टम शहरों के लिए कारगर साबित हो सके।

