
सार
भोपाल/ आदि मिश्रा: शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा, शिक्षक और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और सोच को दिशा देने का काम भी करते हैं। यही वजह है कि समाज में शिक्षक का स्थान हमेशा सम्मान और विश्वास से जुड़ा रहा है।
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम अब बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का स्थान बनाना इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों को लेकर समाज में बनी कई पुरानी धारणाएं अब बदल रही हैं। प्रदेश के अनेक सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके पीछे शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और अभिभावकों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है। इसके लिए स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के साथ शिक्षकों को भी आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता केवल भवन, सुविधाओं या किताबों से तय नहीं होती, बल्कि इसके केंद्र में शिक्षक होता है। यदि शिक्षक को बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त संसाधन और अपनी क्षमता के अनुसार काम करने का अवसर मिलता है तो उसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को मिलता है। इसलिए सरकार शिक्षकों की भूमिका को मजबूत करने के साथ शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलावों पर लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों की भर्ती और गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET को ऑफलाइन कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार का प्रयास है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाया जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को बेहतर अवसर मिल सके।
TET परीक्षा शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जाती है। ऐसे में इसे ऑफलाइन कराने के फैसले को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भी चर्चा है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों को सही और गलत के बीच अंतर समझाने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि देश की आने वाली पीढ़ी कैसी होगी, इसमें शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम है। डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, वैज्ञानिक, खिलाड़ी और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के जीवन में किसी न किसी शिक्षक का योगदान जरूर रहा है। इसलिए शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को शुभकामनाएं देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके योगदान को याद करने और सम्मान देने का दिन भी है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कई ऐसे विद्यार्थी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से शानदार परिणाम हासिल किए हैं। बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की मौजूदगी शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
उन्होंने कहा कि जब सरकारी स्कूल का कोई विद्यार्थी मेरिट में स्थान हासिल करता है तो उसके पीछे सिर्फ विद्यार्थी की मेहनत नहीं होती, बल्कि शिक्षक, अभिभावक और स्कूल का पूरा वातावरण काम करता है। ऐसी उपलब्धियां दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है। विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षक विद्यार्थियों को इन मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि आज तेजी से बदलते समय में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ नई तकनीक और आधुनिक ज्ञान से जोड़ना भी जरूरी है। इसके लिए शिक्षकों को भी समय के साथ अपने शिक्षण कौशल को विकसित करना होगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज की ऐसी शक्ति हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को तैयार करती है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी और शिक्षकों को भी उनकी जिम्मेदारियों के निर्वहन में बेहतर अवसर देने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के संदेश में शिक्षा की गुणवत्ता, सरकारी स्कूलों की उपलब्धियों और शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत मध्य प्रदेश और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला बन सकती है। इसके लिए सरकार, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक- सभी को मिलकर काम करना होगा।
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