
सार
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के चार गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल टीमों को तैनात कर घर-घर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। संदिग्ध शराब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और एहतियात के तौर पर छह शराब दुकानों को सील किया गया है। हालांकि मौतों का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
विस्तार
सागर। जिले की बंडा तहसील में संदिग्ध जहरीली या अवैध शराब के सेवन से कई लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। शनिवार रात शराब पीने के बाद बंडा क्षेत्र के कई गांवों में लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, घबराहट और अन्य गंभीर लक्षणों के बाद मरीजों को बंडा सिविल अस्पताल और इसके बाद सागर के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 से अधिक लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अलग-अलग समय पर सामने आए आंकड़ों में अंतर है और प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग जारी रहने के कारण मृतकों और मरीजों की संख्या में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
घटना के बाद नौराज, घूघरा खुर्द, बराज और बमुरा भेड़ा सहित प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक टीमें पहुंची हैं। डॉक्टर और नर्स घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान कर रहे हैं, जिन्होंने पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान शराब का सेवन किया है। संदिग्ध लक्षण मिलने पर लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
सागर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटरिया के मुताबिक मरीजों में दिखाई दे रहे लक्षणों को देखते हुए मिथाइल अल्कोहल पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मौतों का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम, मेडिकल जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मरीजों को पहले बंडा सिविल अस्पताल में स्थिर करने के बाद जरूरत के अनुसार बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर सहित उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने पिछले 24 से 48 घंटे में शराब का सेवन किया है या उसे उल्टी, सिरदर्द, बुखार, कमजोरी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो वह तत्काल चिकित्सकीय जांच कराए।
घटना के बाद प्रशासन ने संदिग्ध शराब के स्रोत और सप्लाई की जांच शुरू कर दी है। शराब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। एहतियाती कदम के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि प्रभावित लोगों तक शराब कहां से पहुंची और उसकी गुणवत्ता में क्या गड़बड़ी थी।
मामले ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि क्षेत्र में कथित नकली शराब के एक ब्रांड को लेकर पहले शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि इन शिकायतों और मौजूदा मौतों के बीच सीधा संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्थापित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर में हुई मौतों पर जांच के निर्देश दिए हैं और अधिकारियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकार ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की पहचान, उनका इलाज और संदिग्ध शराब के स्रोत का पता लगाना है। मौतों की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
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