बुरहानपुर में शिक्षक दिवस पर काला दिवस, TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन; राष्ट्रपति, PM और CM के नाम सौंपा ज्ञापन

राजू सिंह राठौर|बुरहानपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक संयुक्त मोर्चा, जिला बुरहानपुर ने 5 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाया। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने हाथों में काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया और TET संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

सार

राष्ट्रीय शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में बुरहानपुर में शिक्षकों ने TET की अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय पदाधिकारी शालिकराम चौधरी ने किया। मोर्चे ने वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने, उनकी सेवा एवं वरिष्ठता से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लंबित समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की।

विस्तार

शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक संयुक्त मोर्चा, जिला बुरहानपुर के शिक्षक काली पट्टियां बांधकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने TET की अनिवार्यता के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों पहले निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और भर्ती नियमों के आधार पर नियुक्त होकर लगातार सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर बाद में लागू हुई पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता थोपना उनके लिए चिंता और असुरक्षा का कारण बन रहा है।

प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय पदाधिकारी शालिकराम चौधरी ने किया। प्रदर्शन के बाद उनकी उपस्थिति में मोर्चे के जिला पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू करने संबंधी आदेश को वापस लेने की मांग की गई।

मोर्चे का कहना है कि शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी सेवा, अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए। शिक्षकों ने कहा कि TET की अनिवार्यता के चलते प्रदेश के हजारों शिक्षकों में भविष्य को लेकर चिंता और असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। इसी मांग को लेकर बुरहानपुर में पहले भी शिक्षक संगठनों की ओर से ज्ञापन और विरोध दर्ज कराया जा चुका है।

ज्ञापन में पूर्व से कार्यरत और वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को TET से मुक्त रखने, शिक्षकों की सेवा एवं वरिष्ठता से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा लंबित समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई। मोर्चे का तर्क है कि TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों और शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर हुई थी, इसलिए वर्षों की सेवा और अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय पदाधिकारी शालिकराम चौधरी ने कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान का दिन है, लेकिन शिक्षकों के अधिकारों और भविष्य पर संकट की स्थिति के कारण इसे काला दिवस के रूप में मनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण निर्णय स्वीकार नहीं किए जाएंगे और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदर्शन में दीपक डोले, नंदकिशोर मोरे, प्रमोद सातव, संतोष निम्रेभोरे, अनिल बाविस्कर, जयराम निराले, अतुल उईके, प्रमिला सगरे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। मोर्चे की ओर से कहा गया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

ये भी पढ़े  – 21 साल के ‘बिट्टू तबाही’ ने संभाला प्रदूषित नदी को साफ करने का बीड़ा, हाथों से सफाई कर बना मिसाल

 

 

 

 

  • burhanpur-teachers-black-day-protest-tet-mandatory-order-withdrawal
  • Srota Swati Tripathy

    Srota Swati Tripathy

    Related Posts

    दुरंतो एक्सप्रेस पर अचानक पथराव, AC कोचों के शीशे चटके, यात्रियों में मचा हड़कंप

    महाराष्ट्र में नागपुर-मुंबई रेल मार्ग पर बोरखेड़ी स्टेशन के…

    गणेश पंडाल में सो रहे लोगों पर करंट का कहर: 4 की मौत, 3 लोग घायल

    मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गणेश विसर्जन के…

    You Missed

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना