
शिवपुरी/ रानू परिहार: जिले में अवैध और कच्ची शराब के कथित कारोबार को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछोर, खनियांधाना, करैरा, पोहरी, कोलारस और शिवपुरी के ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर हाथ-भट्टी की शराब का कारोबार जारी है। लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई के बाद फिर शुरू होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध शराब के ठिकानों पर कभी-कभार कार्रवाई होती है, लेकिन कुछ समय बाद कथित तौर पर वही कारोबार दोबारा शुरू हो जाता है। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर छोटे स्तर पर शराब जब्त की जाती है, जबकि बड़े नेटवर्क तक प्रभावी तरीके से कार्रवाई नहीं पहुंच पाती।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आना बाकी है।
पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
अवैध शराब के कथित कारोबार को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संरक्षण और मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लोगों का कहना है कि यदि जिले में अवैध शराब का नेटवर्क सक्रिय है तो केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई के बजाय इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
युवाओं में बढ़ती लत को लेकर चिंता
अवैध और सस्ती शराब की उपलब्धता को लेकर सबसे ज्यादा चिंता युवाओं को लेकर जताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कम उम्र में शराब की लत युवाओं और उनके परिवारों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है।
शराब की लत से आर्थिक परेशानी, घरेलू विवाद, हिंसा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री से तीन बड़ी मांगें
स्थानीय लोगों की ओर से मुख्यमंत्री से मामले में विशेष निगरानी की मांग की गई है। इनमें एसपी स्तर पर विशेष टीम गठित कर अवैध शराब के नेटवर्क की जांच, पिछले छह महीनों में आबकारी विभाग की कार्रवाई का ऑडिट और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग शामिल है।
लोगों का कहना है कि केवल कार्रवाई की घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
अब सवाल यह है कि शिवपुरी में अवैध शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे इन आरोपों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या पुलिस व आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों का कोई आधिकारिक जवाब सामने आता है।
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