
सार
देवेश शर्मा | मैहर जिले की झांझबरी ग्राम पंचायत के रझौड़ी गांव से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का मामला सामने आया है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक यहां कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की पढ़ाई एक ही कमरे में संचालित की जा रही थी, लेकिन बारिश के कारण उस भवन को शिक्षा विभाग ने असुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बाद बच्चों को यात्री प्रतीक्षालय में पढ़ने की स्थिति बन गई। ग्राम पंचायत सरपंच ने स्कूल भवन और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। मामले की जानकारी कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी को दिए जाने के बाद उन्होंने स्कूल निर्माण और प्राथमिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
विस्तार
मैहर जिले की झांझबरी ग्राम पंचायत के रझौड़ी गांव से सामने आई तस्वीर ने ग्रामीण क्षेत्र की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार गांव में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई के लिए केवल एक कमरे का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे में अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को एक ही स्थान पर पढ़ाए जाने की स्थिति बनी हुई थी।
बताया गया है कि बारिश के कारण स्कूल का यह भवन भी शिक्षा विभाग की ओर से अयोग्य घोषित कर दिया गया। भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद सबसे बड़ी चुनौती बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की थी। स्थानीय लोगों के अनुसार फिलहाल बच्चों को यात्री प्रतीक्षालय में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित और उचित शैक्षणिक वातावरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल भवन, पर्याप्त कक्ष, शिक्षण सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। एक ही कमरे में पांच कक्षाओं का संचालन और फिर भवन के असुरक्षित होने के बाद यात्री प्रतीक्षालय में पढ़ाई की स्थिति शिक्षा व्यवस्था की जमीनी चुनौतियों को सामने रखती है।
झांझबरी ग्राम पंचायत के सरपंच रवेंद्र मिश्रा ने मामले को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि मैहर सीमेंट उद्योगों का प्रमुख क्षेत्र है और यहां संचालित सीमेंट उद्योगों के सीएसआर तथा डीएमएफ जैसे फंड का इस्तेमाल शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सरपंच के अनुसार ग्राम पंचायत की ओर से स्कूल भवन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई बार प्रस्ताव पारित कर संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
मामले की जानकारी मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी को भी दी गई है। कलेक्टर की ओर से स्कूल निर्माण सहित बच्चों के लिए प्राथमिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। मैहर प्रशासन की ओर से हाल के दिनों में शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी निर्देश जारी किए गए हैं।
अब ग्रामीणों और अभिभावकों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। जरूरत इस बात की है कि बच्चों के लिए जल्द सुरक्षित भवन और पर्याप्त कक्षों की व्यवस्था हो, ताकि कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को एक ही कमरे या अस्थायी यात्री प्रतीक्षालय में पढ़ने की मजबूरी से राहत मिल सके।
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