
सार
आज 10 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10:33 बजे तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज पिठोरी अमावस्या का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन स्नान, दान, पितरों के तर्पण और पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। आज मघा नक्षत्र दोपहर 2:04 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। राहुकाल दोपहर करीब 1:55 बजे से 3:28 बजे तक रहेगा।
विस्तार
पंचांग के अनुसार 10 सितंबर 2026 को गुरुवार के दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इसी वजह से आज पिठोरी अमावस्या का पर्व मनाया जा रहा है। अमावस्या तिथि 11 सितंबर की सुबह तक रहने की जानकारी पंचांगों में दी गई है।
पिठोरी अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखती हैं तथा देवी और 64 योगिनियों की पूजा करती हैं। वहीं अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है, इसलिए तर्पण, दान और जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा भी बताई गई है। ये सभी धार्मिक मान्यताएं हैं।
आज नक्षत्र की बात करें तो मघा नक्षत्र दोपहर 2:04 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। पंचांग के अनुसार आज सिद्ध योग शाम करीब 7:17 बजे तक रहेगा, जिसके बाद साध्य योग शुरू होगा।
आज का राहुकाल दोपहर 1:55 बजे से 3:28 बजे तक रहेगा। इस अवधि में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। अलग-अलग शहरों के स्थानीय सूर्योदय के अनुसार राहुकाल के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 11:46 बजे से दोपहर 1:17 बजे तक बताया गया है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:39 बजे से 5:27 बजे तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 6:15 बजे और सूर्यास्त शाम 6:32 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 5:10 बजे और चंद्रास्त शाम 6:04 बजे के आसपास रहेगा। ये समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं।
आज के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों का स्मरण कर तर्पण, जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान और सेवा करना शुभ माना जाता है। पिठोरी अमावस्या पर पूजा और व्रत से जुड़ी परंपराओं का पालन परिवार की मान्यता और स्थानीय पंचांग के अनुसार किया जा सकता है।
आज का पंचांग एक नजर में:
- दिन: गुरुवार, 10 सितंबर 2026
- तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी सुबह 10:33 बजे तक, इसके बाद अमावस्या
- पर्व: पिठोरी अमावस्या, दर्श अमावस्या
- नक्षत्र: मघा दोपहर 2:04 बजे तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी
- योग: सिद्ध शाम 7:17 बजे तक, फिर साध्य
- चंद्र राशि: सिंह
- सूर्योदय: सुबह 6:15 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:32 बजे
- राहुकाल: दोपहर 1:55 बजे से 3:28 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 1:17 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:27 बजे तक
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