
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के संचालन संकट के बीच विमानन नियामक DGCA ने चार Flight Operations Inspectors (FOIs) को सस्पेंड कर दिया है, जिन्होंने एयरलाइन की सुरक्षा और परिचालन मानकों की निगरानी की ज़िम्मेदारी संभाली हुई थी। यह कार्रवाई IndiGo के हजारों उड़ानों के कैंसिल होने और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा के बाद हुई है। अधिकारियों ने निरीक्षण और निगरानी में कथित “negligence” (लापरवाही) देखते हुए यह कदम उठाया है, जिससे परिचालन उपयुक्त रूप से तैयार नहीं रह पाया। इस संकट के कारण कई बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानों का अव्यवस्थित प्रबंधन और यात्रियों का stranded रहना जैसे हालात बने।DGCA ने गुरुग्राम में इंडिगो के मुख्यालय पर अपनी निगरानी और अधिक कड़ी कर दी है और दो टीमों को विभिन्न संचालन जैसे कि क्रू उपयोग, refunds और daily flight operations की रिपोर्टिंग पर तैनात किया है, ताकि रोज़ाना स्थिति पर नजर रखी जा सके। वहीं CEO Pieter Elbers और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी DGCA की जांच पैनल के सामने पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि संकट के कारणों और सुधार योजना पर स्पष्ट उत्तर मिल सके। इंडिगो ने हाल ही में कई उड़ानों को रद्द किया है और यात्रियों को travel vouchers देने की भी घोषणा की है, लेकिन परिचालन चुनौतियाँ अभी भी बरकरार हैं।
पूर्व एयरलाइंस प्रमुख G. R. गोपीनाथ ने कहा है कि इंडिगो संकट केवल एक अचानक समस्या नहीं है बल्कि यह overconfidence और complacency का परिणाम है, जहां एयरलाइन ने अपनी market dominance के भरोसे नियामक बदलावों और crew planning के लिए समय पर तैयारी नहीं की। गोपीनाथ ने चेताया है कि यह संकट भारत के विमानन क्षेत्र में planning failures और monopoly risks को उजागर करता है, और industry को हमेशा सेफ्टी और compliance पर फोकस रखने की सीख देता है।

