
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदाई के चरण में पहुंच गया है। प्रदेश में इस सीजन अब तक औसतन 37.7 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य बारिश के करीब 95.8 प्रतिशत है। अगले चार दिनों में भारी बारिश की संभावना नहीं है। मंगलवार से कई हिस्सों में तेज धूप देखने को मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। अगले एक सप्ताह के भीतर प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू होने के आसार हैं।
37.7 इंच बारिश, सामान्य आंकड़े के करीब पहुंचा MP
प्रदेश में अब तक 37.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य मौसमी बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट में इसे सामान्य कोटे का 95.8 प्रतिशत बताया गया है और सामान्य श्रेणी तक पहुंचने के लिए मामूली अतिरिक्त बारिश की जरूरत बताई गई है।
हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक रही। दूसरी ओर पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है।
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अगले चार दिन भारी बारिश नहीं, कई संभागों में तेज धूप
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले चार दिनों में प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। सोमवार से बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की उम्मीद है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप का असर बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम साफ रहने के आसार हैं।
पिछले दिनों गहरे अवदाब के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में करीब 48 घंटे तक तेज बारिश हुई थी। इससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ा और कुछ बांधों के गेट खोलने पड़े। अब मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के साथ बारिश का दौर थम रहा है।
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर कुल आंकड़े पर रहा। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अब मानसून की विदाई से पहले होने वाली बारिश ही सीजन के अंतिम आंकड़े को प्रभावित करेगी।
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