
रीवा में UGC रोलबैक के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने अनोखा तरीका अपनाया। सवर्ण समाज से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने पुतलों का सांकेतिक अंतिम संस्कार किया। इसके बाद उनकी अस्थियां लेकर प्रयागराज रवाना हुए, जहां संगम में विसर्जन और पिंडदान करने की बात कही गई है।
रीवा में UGC से जुड़े प्रस्ताव को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। सवर्ण समाज के प्रदर्शनकारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए सांकेतिक अंतिम संस्कार का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कदम UGC रोलबैक के मुद्दे पर अपनी नाराजगी जताने के लिए उठाया गया है।
इससे पहले भी रीवा में प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध दर्ज कराया था। विवेकानंद पार्क से निकाली गई रैली के दौरान नारेबाजी की गई थी और प्रतीकात्मक अर्थी का विसर्जन विहर नदी में किया गया था।
पुतलों का किया सांकेतिक अंतिम संस्कार
प्रदर्शनकारियों ने UGC के प्रस्तावित बदलाव के विरोध में कुछ पुतलों का सांकेतिक अंतिम संस्कार किया। इसके बाद उनकी अस्थियां एकत्र की गईं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अब इन्हीं अस्थियों को लेकर प्रयागराज जाया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी प्रयागराज के संगम पर इन सांकेतिक अस्थियों का विसर्जन और पिंडदान करने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि विरोध को धार्मिक कर्मकांड के प्रतीकात्मक स्वरूप के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब रीवा में UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर अलग-अलग स्थानों पर विरोध कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर भी अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा- मांगों तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि UGC के मुद्दे पर उनकी मांगों पर ध्यान दिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आगे भी प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों के अनुसार प्रयागराज के बाद भी विरोध का सिलसिला जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक आंदोलन का हिस्सा बताया है।
इस पूरे मामले में UGC प्रस्ताव को लेकर प्रदर्शनकारियों की आपत्तियां और उनकी मांगें अलग-अलग स्तर पर सामने आ रही हैं। रीवा में पहले भी इसी मुद्दे पर रैली, प्रतीकात्मक अर्थी और पिंडदान जैसे कार्यक्रम किए जा चुके हैं।
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