शिवपुरी में नरोत्तम मिश्रा का शायराना अंदाज, बोले- ‘ब्राह्मणों ने राज नहीं किया तो शोषण कैसे किया?’

शिवपुरी में ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज पर शोषण के आरोपों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने ब्राह्मणों को शासक के बजाय संस्कृति का वाहक बताया और समाज के अलग-अलग वर्गों से एकजुट रहने की अपील की।

मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा रविवार को शिवपुरी में आयोजित ब्राह्मण समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ब्राह्मण समाज से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने कभी राज नहीं किया तो उनके ऊपर शोषण का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।

‘जुगनुओं ने शराब पी ली है…’

नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधन में शायराना अंदाज में कहा, “जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब तो सूरज को गालियां देंगे।” उन्होंने इस टिप्पणी को ब्राह्मण समाज की आलोचनाओं के संदर्भ में रखा। मिश्रा ने ब्राह्मण समाज को शासक के बजाय संस्कृति और परंपराओं का वाहक बताया।

उन्होंने समाज के भीतर अलग-अलग वर्गों के बीच एकजुटता पर भी जोर दिया। सनाढ्य, भार्गव और कान्यकुब्ज सहित विभिन्न वर्गों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आपसी विभाजन से बचने और एक साथ आगे बढ़ने की अपील की।

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मंदिरों पर कब्जे और जातीय विभाजन के आरोपों पर भी बोले

सम्मेलन में मिश्रा ने ब्राह्मण समाज पर मंदिरों पर कब्जे और समाज को जातियों में बांटने जैसे आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि ब्राह्मणों ने मंदिरों पर कब्जा किया होता तो भगवान परशुराम के मंदिर और उनकी मूर्तियां सबसे ज्यादा होतीं। जाति व्यवस्था को लेकर उन्होंने सवाल किया कि यदि समाज को बांटने का काम ब्राह्मणों ने किया है तो लोग जाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील क्यों जाते हैं। ये उनके संबोधन में आलोचनाओं के जवाब के तौर पर दिए गए तर्क थे।

मिश्रा ने रामायण और महाभारत के प्रसंगों का भी उल्लेख किया और ब्राह्मण को “विश्वास का ब्रांड” बताया। उन्होंने रावण द्वारा सीता हरण, कर्ण की शिक्षा और पांडवों के वनवास से जुड़े प्रसंगों का उदाहरण दिया।

कार्यक्रम के बाद भाजपा में ब्राह्मण समाज की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर मिश्रा ने कहा कि पार्टी में ब्राह्मण समाज की भूमिका “सर्वोच्च स्तर” पर है। उन्होंने गुना-शिवपुरी क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने से जुड़े कयासों को भी खारिज किया।

 
 
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Srota Swati Tripathy

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