
बुरहानपुर/ राजू सिंह राठौड़: बुरहानपुर जिले के ग्राम चाकबारा स्थित शासकीय हाई स्कूल में विद्यार्थियों से झाड़ू लगवाए जाने का मामला सामने आया है। पालकों ने इसका विरोध करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य विजय महाजन ने बताया कि स्कूल में चपरासी नहीं है, इसलिए स्वच्छता के तहत विद्यार्थी परिसर में गिरे कचरे और गंदगी को साफ करते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार ने मामले में प्राचार्य से चर्चा कर जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।
स्कूल की सफाई व्यवस्था पर सवाल
स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, लेकिन बुरहानपुर जिले के ग्राम चाकबारा स्थित शासकीय हाई स्कूल से सामने आई तस्वीरों ने स्कूल की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विद्यार्थियों से झाड़ू लगवाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई के लिए पहुंचे बच्चों से परिसर की साफ-सफाई कराई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद विद्यार्थियों के पालकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल शिक्षा हासिल करने के लिए भेजा जाता है, उनसे सफाई का काम करवाने के लिए नहीं।
पालकों ने जताई नाराजगी
पालकों का आरोप है कि विद्यार्थियों से स्कूल परिसर की सफाई करवाना उचित नहीं है। पालक अमजद तड़वी ने आरोप लगाया कि स्कूल में विद्यार्थियों से इस तरह का काम कराया जा रहा है। उनका कहना है कि जब पालक इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हैं तो प्राचार्य के साथ विवाद की स्थिति भी बनती है।
पालकों का कहना है कि यदि स्कूल में सफाई कर्मचारी या चपरासी नहीं है तो इसकी व्यवस्था शिक्षा विभाग को करनी चाहिए। विद्यार्थियों पर स्कूल की सफाई की जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि जांच में विद्यार्थियों से नियमों के विपरीत सफाई कार्य करवाया जाना सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
प्राचार्य बोले- स्कूल में चपरासी नहीं
पूरे मामले को लेकर स्कूल के प्राचार्य विजय महाजन से बात की गई। उन्होंने बताया कि स्कूल में कोई चपरासी नहीं है। प्राचार्य के मुताबिक स्कूल परिसर में गिरे हुए कचरे और गंदगी को स्वच्छता के तहत विद्यार्थी साफ करते हैं।
हालांकि, प्राचार्य के इस बयान के बाद भी स्कूल की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। सवाल यह है कि यदि स्कूल में सफाई कर्मचारी उपलब्ध नहीं है तो क्या उसकी व्यवस्था करने की जिम्मेदारी विद्यार्थियों की है या संबंधित विभाग की?
पालकों का कहना है कि स्कूल की साफ-सफाई के लिए विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का समय पढ़ाई में लगे और उन्हें ऐसे कार्यों में शामिल न होना पड़े।
शिक्षा अधिकारी ने कही जांच की बात
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पवार से भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को लेकर स्कूल के प्राचार्य से चर्चा की जाएगी। साथ ही मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब इस मामले में शिक्षा विभाग की जांच पर नजर रहेगी। जांच में यह स्पष्ट होगा कि विद्यार्थियों से किस परिस्थिति में सफाई कराई गई और स्कूल में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय थी।
उठ रहे हैं कई सवाल
चाकबारा के शासकीय हाई स्कूल का मामला सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी स्कूल में सफाई कर्मचारी नहीं है तो वहां नियमित सफाई की व्यवस्था कौन करेगा? क्या इसके लिए विभाग की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था है? और क्या विद्यार्थियों से सफाई करवाने को लेकर कोई स्पष्ट नियम और जिम्मेदारी तय है?
इन सवालों का जवाब शिक्षा विभाग की जांच के बाद सामने आएगा। पालकों की मांग है कि केवल मामले की जांच ही नहीं, बल्कि स्कूल में नियमित सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
आखिर स्कूल वह जगह है जहां बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया जाता है। ऐसे में बच्चों के हाथों में झाड़ू की जगह किताब और कलम नजर आएं, यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है।
- Burhanpur-Government-School-Students-Allegedly-Made-To-Sweep-School-Premises








