Ujjain Shahi Masjid Row: AI वीडियो से फैली अफवाहों पर FIR, 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी जांच के दायरे में

उज्जैन की शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने को लेकर हुए विवाद के बीच AI से बने कथित भ्रामक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट पुलिस जांच के केंद्र में हैं। पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

उज्जैन, 29 सितंबर 2026। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को विवाद और पथराव की घटना सामने आई। अब पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार, कुछ AI से बनाए गए वीडियो में पूरी शाही मस्जिद को गिराए जाने का दावा किया गया, जबकि प्रशासन के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाला केवल प्रभावित हिस्सा हटाया जाना था।

AI वीडियो और भ्रामक पोस्ट पर पुलिस की नजर

पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो और तस्वीरों में शाही मस्जिद को पूरी तरह गिराए जाने का दृश्य दिखाया गया। पुलिस का कहना है कि ऐसे कंटेंट से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी और भीड़ मौके पर जुटी।

जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो प्रसारित करने वाले कुछ लोगों की पहचान की है। रिपोर्टों के मुताबिक पांच सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इन पोस्ट के स्रोत, प्रसार और उनके कानून-व्यवस्था पर प्रभाव की जांच कर रही है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1), 299, 353(2) और 3(5) के तहत FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, FIR में नामजद लोगों पर लगाए गए आरोप अभी जांच का विषय हैं और अदालत में दोष सिद्ध नहीं हुआ है।

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पथराव के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

सोमवार को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान मौके पर भीड़ जुटी और पुलिस के अनुसार पथराव हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और बल प्रयोग किया। इसके बाद उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

रिपोर्टों के अनुसार करीब 2,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और CCTV तथा ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के संबंध में मस्जिद समिति के सदस्यों से सहमति बनी थी। मंगलवार को इलाके में स्थिति शांत रही और पुलिस बल तैनात रहा। कलेक्टर ने लोगों से सोशल मीडिया पर आने वाली अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में अब सड़क चौड़ीकरण के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित AI वीडियो और भ्रामक पोस्ट भी जांच का प्रमुख हिस्सा बन गए हैं। पुलिस ने FIR दर्ज कर डिजिटल सामग्री के स्रोत और उसे प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

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Srota Swati Tripathy

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