
वोटर लिस्ट में बदलाव और चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे Special Intensive Revision को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मतदाता सूची में हुए बदलावों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। पार्टी ने SIR की प्रक्रिया, मतदाता नामों में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर पांच प्रमुख मांगें सामने रखी हैं।
मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव
नई दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां
कांग्रेस लंबे समय से Special Intensive Revision को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान यदि पात्र मतदाताओं के नाम हटते हैं तो इसका सीधा असर उनके मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है।
खरगे ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर डुप्लीकेट मतदाताओं, एक ही पते पर कई मतदाताओं के नाम और मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form 6 के इस्तेमाल को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग को इन शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए थी।
हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अलग-अलग चुनाव आयुक्तों के बीच किसी विषय पर सवाल या आपत्तियां उठना संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हो सकता है।
कांग्रेस की पांच मांगें क्या हैं?
कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कई मांगें उठाई हैं। इनमें SIR की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और फैसलों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग प्रमुख है। पार्टी चाहती है कि मतदाता सूची में हुए बदलावों का पूरा रिकॉर्ड सामने आए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने नाम हटाए गए, कितने नए नाम जोड़े गए और किन कारणों से रिकॉर्ड में संशोधन किया गया।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुताबिक, चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के कामकाज में अधिक पारदर्शिता जरूरी है। इसके साथ ही पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की हैं।
कांग्रेस की मांगों में SIR से प्रभावित मतदाताओं के नामों की स्थिति स्पष्ट करना और चुनावी रिकॉर्ड में किए गए बदलावों का सार्वजनिक खुलासा शामिल है। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम मतदाता को अपने नाम की स्थिति और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी आसानी से मिल सके।
Form 6 में बदलाव पर भी सवाल
खरगे ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में हुए बदलावों को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों में बदलाव से युवा मतदाताओं के नाम जुड़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस ने इसे युवाओं के मतदान अधिकार से जोड़ते हुए सरकार पर राजनीतिक हमला किया।
राहुल गांधी के आरोपों का किया समर्थन
कांग्रेस अध्यक्ष ने राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों का भी समर्थन किया। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कुछ क्षेत्रों में कथित डुप्लीकेट वोटर, संदिग्ध पते और एक ही पते पर कई मतदाताओं के नाम होने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया।
कांग्रेस का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच और मतदाता सूची में सुधार चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।
चुनाव आयोग के भीतर आपत्तियों पर भी विवाद
SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है। हाल में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों में SIR और मतदाता पंजीकरण से जुड़े कुछ फैसलों पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका पहुंची है और अदालत ने मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई है।
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि इन पत्रों और आपत्तियों को व्यापक नीतिगत विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग ने अपने फैसलों को स्थापित प्रक्रिया के अनुरूप बताया है।
इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस ने कहा है कि मतदाता सूची से जुड़े सभी बदलावों और SIR की प्रक्रिया का रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। अब इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
- Congress-5-Demands-Amid-EC-SIR-Row-Full-Disclosure-Electoral-Roll-Changes








