
खजुराहो। विश्व प्रसिद्ध खजुराहो मंदिर समूह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। 29 सितंबर 2026 की रात की एक तस्वीर में मतंगेश्वर महादेव मंदिर और जॉर्डन म्यूजियम वाले गेट के आसपास का क्षेत्र दिखाई दे रहा है, लेकिन तस्वीर में सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के दौरान मतंगेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर एक मोटरसाइकिल दिखाई देने की बात सामने आई है।
खजुराहो समूह के स्मारक UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। UNESCO के अनुसार पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी मंदिर समूहों को संरक्षित सीमा तय करने के लिए घेरा गया है।
29 सितंबर की रात की तस्वीर से उठे सवाल
रिपोर्ट के अनुसार 29 सितंबर की रात करीब 10:15 बजे मतंगेश्वर महादेव मंदिर और जॉर्डन म्यूजियम वाले गेट के आसपास की तस्वीर सामने आई। तस्वीर में उस समय कोई सुरक्षाकर्मी दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। ऐसे में सवाल यह है कि संबंधित प्रवेश द्वार पर उस समय सुरक्षा और निगरानी की क्या व्यवस्था थी।
ASI की ओर से संरक्षित स्मारकों पर निगरानी, सुरक्षा और आगंतुक प्रबंधन के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जाती हैं। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर निरीक्षण, CCTV, आगंतुक नियंत्रण और निजी सुरक्षा कर्मियों जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
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साइलेंट जोन में बाइक की तस्वीर से प्रवेश व्यवस्था पर सवाल
27 सितंबर 2026, यानी विश्व पर्यटन दिवस की एक तस्वीर में मतंगेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर मोटरसाइकिल जाती दिखाई देने का दावा किया गया है। इस तस्वीर के बाद सवाल उठ रहा है कि इस मार्ग पर वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए क्या व्यवस्था है। क्या इस हिस्से में निर्धारित समय के अनुसार वाहनों की आवाजाही की अनुमति है या तस्वीर में दिखाई दे रहा वाहन नियमों के विपरीत प्रवेश कर रहा था, यह संबंधित विभाग के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगा।
ASI के सामान्य आगंतुक दिशा-निर्देशों में प्रतिबंधित या बैरिकेड वाले क्षेत्रों में प्रवेश को निषिद्ध बताया गया है और सुरक्षा संबंधी गतिविधि की जानकारी सुरक्षा कर्मियों या संबंधित अधिकारियों को देने की बात कही गई है।
दान पेटी चोरी और सुरक्षा दीवार का मामला भी चर्चा में
रिपोर्ट में 8 सितंबर 2026 की सुबह मतंगेश्वर महादेव मंदिर में दान पेटी से चोरी की घटना का भी उल्लेख किया गया है। इस घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठने की बात कही गई थी। इसके अलावा 17 अगस्त 2026 को पश्चिमी समूह मंदिर के प्रवेश द्वार के पास सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा ढहने की जानकारी भी सामने आई थी। यदि किसी संरक्षित परिसर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होती है, तो उसकी मरम्मत और तब तक की वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।
राष्ट्रीय सांस्कृतिक निधि के अनुसार खजुराहो के पश्चिमी समूह में प्रवेश द्वार के साथ सुरक्षा केबिन वाली सीमा दीवार की व्यवस्था मौजूद है और विभिन्न मंदिर समूहों में भी सुरक्षा संबंधी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
ASI से मांगा गया पक्ष, स्पष्ट जवाब का इंतजार
खबर प्रकाशित किए जाने से पहले रिपोर्टर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), खजुराहो के सीनियर कंजर्वेशन असिस्टेंट शिवाकांत भारती से फोन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। रिपोर्टर के अनुसार, प्रारंभ में फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में शिवाकांत भारती की ओर से कॉल बैक किया गया। रिपोर्टर ने तस्वीरों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पूरे मामले की जानकारी उनके सामने रखी। बातचीत के दौरान उन्होंने मामले को देखने की बात कही और फोन कॉल समाप्त हो गई।
खबर तैयार किए जाने तक सुरक्षा व्यवस्था, 29 सितंबर की तस्वीर, 27 सितंबर को दिखाई दे रही मोटरसाइकिल और सुरक्षा दीवार की स्थिति को लेकर उनकी ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। बड़ा सवाल यही है कि खजुराहो जैसे UNESCO विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा किस तरह की जा रही है और सामने आए इन मामलों पर संबंधित विभाग की मौजूदा व्यवस्था क्या है?
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