टीबी रिपोर्ट जमा नहीं करने पर भड़के जेडी, डीपीसी को नोटिस; उमरिया की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

उमरिया, 30 सितंबर 2026। जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन को लेकर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाओं ने नाराजगी जताई है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिले की प्रगति धीमी मिलने और स्टेटस रिपोर्ट समय पर जमा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। इनमें टीबी कार्यक्रम के डीपीसी शारदा प्रसाद गुप्ता को भी नोटिस जारी किया गया है।

टीबी की स्टेटस रिपोर्ट नहीं मिलने पर नाराजगी

रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि उमरिया जिले की टीबी संबंधी स्टेटस रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसके कारण जिले में टीबी कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति की जानकारी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी। क्षेत्रीय संचालक ने समीक्षा के दौरान टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति को लेकर नाराजगी जताई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि जिम्मेदार अधिकारी विभागीय निर्देशों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते जिले में टीबी कार्यक्रम की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बताई गई।

केंद्रीय स्तर पर भी टीबी कार्यक्रम के लिए जिला और राज्य स्तर की रिपोर्टिंग व्यवस्था निर्धारित है। केंद्रीय टीबी प्रभाग की वेबसाइट पर जिला स्तर की रिपोर्टिंग के लिए अलग प्रारूप उपलब्ध है।

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कई अधिकारियों को नोटिस, जवाब मांगा

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। क्षेत्रीय संचालक ने लापरवाही को लेकर नाराजगी जताते हुए करीब दर्जनभर अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। डीपीसी शारदा प्रसाद गुप्ता को भी टीबी की रिपोर्ट जमा नहीं करने के मामले में फटकार लगाई गई और नोटिस जारी किया गया। उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में यह भी सामने आया कि विभागीय स्तर पर समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं होने का असर टीबी मरीजों की दवा वितरण व्यवस्था पर पड़ा। हालांकि, इस संबंध में कितने मरीज प्रभावित हुए, इसकी संख्या रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में निगरानी बढ़ाने पर जोर

उमरिया जिले में स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से की जाती है। जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार, जिले में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की निगरानी और विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। क्षेत्रीय संचालक की नाराजगी के बाद अब संबंधित अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय होने की बात सामने आई है। टीबी कार्यक्रम में समय पर रिपोर्टिंग, मरीजों तक दवाओं की उपलब्धता और विभागीय निर्देशों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

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