
भोपाल, 3 अक्टूबर 2026: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में मध्य प्रदेश को डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन किया। इसके साथ ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को आर्थिक सहायता और भोपाल-इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को बोनस राशि वितरित की गई।
उज्जैन में रोज 3 लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस
उज्जैन में बनने वाले आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआती क्षमता प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध की होगी। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक की जा सकेगी। परियोजना की कुल लागत 255 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें राज्य सरकार की ओर से 170 करोड़ रुपये का अनुदान और दुग्ध संघ की ओर से 85 करोड़ रुपये ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे।
प्लांट में दूध के साथ कई मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। प्रस्तावित क्षमता के अनुसार रोजाना करीब 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ का उत्पादन किया जा सकेगा। इसके अलावा घी उत्पादन के लिए भी संयंत्र स्थापित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में होने वाले दूध उत्पादन के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाना है।
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गौशालाओं को 101 करोड़ से ज्यादा की सहायता
गोपालक सम्मेलन के दौरान प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को आर्थिक सहायता भी दी गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 101 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव और भरण-पोषण के लिए जारी की गई। यह सहायता जुलाई और अगस्त 2026 की अवधि के लिए ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से दी जानी थी।
कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को बोनस राशि का वितरण भी किया गया। इसके अलावा डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया। पशुपालन क्षेत्र में बेहतर काम करने वाली ‘गोपालक दीदियों’ को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी बांटे गए।
भोपाल में अमित शाह ने 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन भी किया। साथ ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला और शिवपुरी के 6.5 करोड़ रुपये के मिनी डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी डिजिटल उद्घाटन किया गया।
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