
दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। घनी धुंध और कोहरे के कारण राजधानी के कई इलाकों में 50 मीटर तक भी विजिबिलिटी नहीं रही, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि सुबह के समय ऑफिस और स्कूल जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम की स्थिर स्थिति और प्रदूषण के फंसे रहने से हालात और बिगड़ गए हैं।
खराब मौसम और कम दृश्यता का सीधा असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट से जुड़ी जानकारी के अनुसार करीब 40 फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं, जबकि 300 से ज्यादा उड़ानें देरी से संचालित हुईं। यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा और कई अंतरराष्ट्रीय व घरेलू उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ गया। एयरलाइंस ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर पहले से स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI कई इलाकों में 500 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द हवा की दिशा नहीं बदली या बारिश नहीं हुई, तो दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और विजिबिलिटी की समस्या और गंभीर हो सकती है।


